मोहक मीडिया | 27 जून 2026 , 133 बी मोडल टाउन ईस्ट , गाज़ियाबाद – फ्लेट ओनर फेडरेशन और आर डब्लू ऐ फेडरेशन गाज़ियाबाद के चेयरमेन कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने बताया की पैट्रोल में इथेनोल मिलाने से पुराने वाहनों में रबड़ की नली ,प्लास्टीक की सील और फाइबर ग्लास के टैंक खराब हो सकते हैं और धातु के इंजन में जंग लग सकता है। शुद्ध पेट्रोल की तुलना में इथेनोल में रसायनिक ऊर्जा कम होती है इसलिए वाहन का माइलेज कम हो जाता है। पेट्रोल पम्प पर मिलने वाला ई 20 पेट्रोल तीन साल पुरानी गाडियों को ज्यादा से ज्यादा अगले दो साल में खराब कर देगा |
समाज सेवी एडवोकेट सुदीप साहू ने कहा की हालांकि इथेनोल के कारण कार्बन एमीशन कम होता है यानी प्रदूषण कम होता है और पेट्रोल पर निर्भता कम होती है यानी पैसे कि बचत होती है। लेकिन मार्च 2023 से पहले के बने हुए वाहनों में यदि ई 20 पेट्रोल डाला जाता है तो वाहनों के इंजन की लाइफ भी कम हो जायेगी और माइलेज भी कम हो जायेगा | इतना ही नहीं इथनोल एक ज्वलनशील प्रदार्थ है जो मुख्य रूप से कृषि उत्पादों जैसे मक्का , गन्ना , ज्वार आदि से बनता है और पानी सोखता है जिससे इंजन में और धातु के पुरजो में जंग लगना प्रारम्भ हो जाता है |
सवाल ये उठा की सरकार की मनशा ठीक नहीं है | पहले ज्यादा एथनोल मिलाकर पुरानी गाडियों को बेकार करो और फिर ऑटोमोबाइल इन्डस्ट्रीज को नए इलेक्ट्रिक वाहन बनाने का अवसर देकर लाभ पहुँचाओ | इसमें सबसे बड़ा नुकसान मिडिल क्लास को होगा जो नई गाडी खरीद नहीं सकते और पुरानी गाडी बेकार हो जाएगी |
श्रीमती उर्वशी वालिया का खुद का पेट्रोल पम्प दिल्ली में है | उन्होंने बताया की कंपनी से सीधे ई 20 पेट्रोल उनके पास आ रहा है | उनके पास उसे रोकने का कोई विकल्प नहीं है | उन्होंने कहा की अच्छा होता अगर पेट्रोल में इथनोल मिलाने की मात्रा को धीरे धीरे बढाया गया होता |
कर्नल मुकेश त्यागी , श्री तरुण चौहान , श्री मुलेंद्र शर्मा , गौरव सेनानी गणेश दत्त , गौरव सेनानी चन्दन सिंह , श्रीमती उर्वशी वालिया , श्रीमती राज शर्मा , श्रीमती अंजू शर्मा , श्रीमती नमिता भल्ला , श्रीमती त्रिवेणी जड़ायूँ एवं सभी उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में मांग की कि पेट्रोल में इथनोल की मात्रा 10% से अधिक न बढाई जाए |
