मोहक मीडिया । जनवरी 2017 में बहराइच के कतरनियाघाट वन्य जीव अभ्यारण्य के घने जंगल में भटकती हुई मिली ‘मोगली गर्ल’ ने 15 जून को दुनिया से विदा ले ली। यह लड़की 2017 में जंगल में जब मिली थी तब वह काफी डरी-सहमी थी। इस लड़की ने पूरे देश का ध्यान खींचा था और इसे ‘मोगली गर्ल’ कहा जाने लगा था। बाद में उसका नामकरण ‘एहसास’ किया गया था। एहसास की मौत लखनऊ के डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल में हुई। उसकी उम्र 18 साल हो गई थी।
‘मोगली गर्ल’ एहसास पहली बार जनवरी 2017 में सुर्खियों में आई थी। वह बहराइच के कतरनियाघाट वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में घने जंगलों वाली मोतीपुर रेंज से गुजरने वाली सड़क पर अकेली मिली थी। मानव समाज से अनजान इस लड़की के व्यवहार ने डॉक्टरों और अधिकारियों को हैरान कर दिया था। वह लोगों से डरती थी और कपड़े पहनने से इनकार करती थी। वह जानवरों की तरह दोनों हाथ और दोनों पैरों के बल चलती थी। वह जानवरों की तरह चिल्लाती थी। वह इंसानी समाज के व्यवहार को बहुत कम समझ पाती थी।
