मोहक मीडिया । मुंबई: जानकारी के अनुसार, पुणे के मार्केट यार्ड स्थित बिबवेवाड़ी की निवासी सिया गोयल (20) और उसके प्रेमी, पुणे के कोंढवा निवासी चेतन चौधरी (22) ने पुणे के एक कैफे में केतन अग्रवाल (25) की पहाड़ से ढकेलकर हत्या कर दी थी।
केतन अग्रवाल की मौत के मामले में उसकी मंगेतर सिया गोयल शक के घेरे में है। सिया गोयल पर आरोप है कि उसने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन का मर्डर किया।
सिया की मां ने Newsdotz से कहा, ‘अगर वह दोषी है, तो उसे सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अगर वह दोषी है तो उसे फांसी दे दी जाए, यह बात एक मां कह रही है।’
सिया के पिता, प्रवीण गोयल ने भी बेटी के दोषी पाए जाने पर उसे फांसी देने की बात कही है। प्रवीण गोयल मीडिया आउटलेट से कहा, ‘इस मामले में जो भी दोषी हो, भले ही वह मेरी बेटी ही क्यों न हो, उसे फांसी दी जानी चाहिए।’
सिया के पिता प्रवीण गोयल का अभी पुणे के अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्हें 23 जून को हार्ट अटैक आया था। सिया गोयल का भाई दोनों माता-पिता की देखभाल के लिए अस्पताल में ही रह रहा है।
पुणे जिले के लोनावला हिल स्टेशन में हुए सनसनीखेज लोहागढ़ किले हत्याकांड से जुड़े चौंकाने वाले विवरण सामने आने के बाद, महाराष्ट्र सरकार एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करेगी।
केतन और सिया की शादी नवंबर में राजस्थान के उदयपुर के एक महल में होने वाली थी, हालांकि, लड़की शादी नहीं करना चाहती थी क्योंकि वह केतन के साथ रिश्ते में थी।
अब तक की जांच यह खुलासा हुआ था कि सिया और चेतन पिछले साल नवंबर में मिले थे और बाद में उनके बीच संबंध बन गए, जबकि सिया की शादी की तैयारियां चल रही थीं।
यह कहानी सिर्फ कत्ल की नहीं, बल्कि उन खौफनाक और शातिराना हदों की है जहां तक कोई इंसान दौलत, प्यार और धोखे के खेल में जा सकता है। केतन अग्रवाल और सिया गोयल, दोनों ही अरबपति परिवारों से थे। इसी साल फरवरी 2026 में दोनों की बड़ी धूमधाम से सगाई हुई थी। शादी का स्केल इस कदर भव्य था कि 17 करोड़ का आलीशान महल और मेहमानों के लिए दो फ्लाइट्स बुक की जा चुकी थीं। दोनों प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए बाली जाने वाले थे, लेकिन ऐन वक्त पर सिया ने बेहद शातिराना तरीके से केतन का पासपोर्ट गायब कर दिया, जिससे विदेश जाने का प्लान कैंसिल हो जाए। केतन इस बात से पूरी तरह अनजान था कि जिस लड़की को वह अपनी हमसफर बनाने जा रहा है, वह पिछले 3 साल से चेतन चौधरी नाम के लड़के के साथ सीक्रेट रिलेशनशिप में थी और उन दोनों के बीच इस साल जनवरी से जून के बीच ही करीब 2004 कॉल्स हो चुके थे,
केतन के पिता विशाल अग्रवाल के मुताबिक, लोहागढ़ किले की खाई में धकेले जाने से 4 दिन पहले यानी 14 जून को सिया ने इसी जगह पर केतन की जान लेने की पहली नाकाम कोशिश की थी। उस दिन सिया ने केतन को किले से नीचे धकेल दिया था, लेकिन किस्मत अच्छी थी कि केतन ने नीचे गिरते वक़्त एक झाड़ी को मजबूती से पकड़ लिया और उसकी जान बच गई। जब सिया ने देखा कि केतन बच गया है तो उसने अपनी घबराहट और चाल को छिपाने के लिए तुरंत पैंतरा बदला और ज़ोर से चिल्लाई कि वहां सांप आ रहा था और डर का नाटक करते हुए केतन को गले लगा लिया। केतन उस वक़्त भी अपनी मंगेतर के इस खौफनाक इरादे को भांप नहीं पाया।
इस नाकाम कोशिश के बाद, 16 और 17 जून को सिया और चेतन ने फ़ोन पर मर्डर का फाइनल ब्लूप्रिंट तैयार किया।
18 जून की सुबह इस साजिश को अंजाम देने के लिए चेतन ने बेहद शातिर चाल चली। उसने लोकेशन छिपाने के लिए अपना मोबाइल फ़ोन अपनी दुकान पर ही छोड़ दिया और सुबह 7 बजे से शाम 5.45 बजे तक इंटरनेट बंद रखा, जिससे पुलिस को लगे कि वह दुकान पर ही था। इसके बाद वह अपने एक कर्मचारी का फ़ोन लेकर लोहागढ़ फोर्ट पहुंच गया। दूसरी तरफ, सिया दोबारा केतन को लेकर उसी किले पर पहुंची। पहाड़ के बेहद शांत और एकांत पॉइंट पर जब केतन सामने फैली ख़ूबसूरत वादियां निहार रहा था, तभी पीछे से चेतन ने उस पर किसी भारी चीज से हमला कर दिया और उसे गहरी खाई में धक्का दे दिया। इस बार केतन को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
कातिलों को लगा कि उन्होंने परफेक्ट मर्डर को अंजाम दे दिया है और करोड़ों की दौलत के पीछे उनका यह राज हमेशा के लिए दफन हो जाएगा। केतन की मौत को शुरुआती तौर पर हादसा मान लिया गया था, लेकिन केतन की बहन की तेज़ नजरों ने यह खेल बिगाड़ दिया।
केतन के अंतिम संस्कार के 4 दिन बाद जब मुख्य संदिग्ध सिया गोयल संवेदना जताने के लिए केतन के घर पहुंची तो वह ऊपर से बेहद दुखी दिखने का नाटक कर रही थी। लेकिन वहां मौजूद केतन की बहन को सिया के हाव-भाव और उसके बात करने के तरीक़े पर शक हुआ। बहन ने सिया से कुछ सीधे और तीखे सवाल पूछे तो सिया के जवाबों में घबराहट और विरोधाभास साफ़ नज़र आने लगा। बहन को यक़ीन हो गया कि दाल में कुछ काला है और उसने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दे दी।
पुलिस ने जब सिया और चेतन के मोबाइल टावर्स, इंटरनेट बंद होने की टाइमिंग और पिछले 6 महीनों में की गईं 238 घंटों की कॉल डिटेल्स खंगाली तो कड़ियां आपस में जुड़ती चली गईं।
