जब मुझे प्यार में चुपके से निहारा उसने,
मेरी ख्वाहिश को दिया जैसे सहारा उसने,
मैंने जब बेरुख़ी धीरे से दिखाई उसको,
कर लिया मुझसे भी चुपके से किनारा उसने,
Delhi NCR Activity
जब मुझे प्यार में चुपके से निहारा उसने,
मेरी ख्वाहिश को दिया जैसे सहारा उसने,
मैंने जब बेरुख़ी धीरे से दिखाई उसको,
कर लिया मुझसे भी चुपके से किनारा उसने,