होम्योपैथिक चिकित्सक विकास प्रजापति की मौत पर छात्रों का कैंडल मार्च, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग तेज

कानपुर: जवाहरलाल नेहरू होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के इंटर्न विकास प्रजापति की मौत शनिवार को हो गई। 17 मई को वाहन की टक्कर से घायल होने के बाद 13 दिन तक केजीएमयू में इलाज चलने के बाद उनका निधन हुआ।

28 वर्षीय होम्योपैथिक चिकित्सक विकास प्रजापति की मौत पर छात्रों का कैंडल मार्च, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग तेज

विकास मूलरूप से जौनपुर के सुइथाकलां के मयारी गांव के रहने वाले थे। साढ़े चार साल की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह एक साल की इंटर्नशिप कर रहे थे। छह माह बाद वह डॉक्टर बनने वाले थे।

विकास अपनी विधवा मां केवला देवी के इकलौते बेटे थे और उनकी चार बहनें हैं। वर्ष 2019 में पिता सालिकराम प्रजापति के निधन के बाद परिवार पर आर्थिक संकट आ गया था। उनकी मां ने मेहनत-मजदूरी कर बेटे को पढ़ाया-लिखाया। विकास ने होम्योपैथिक चिकित्सा की पढ़ाई पूरी करने के बाद इंटर्नशिप शुरू की थी और परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहे थे।उन्होंने अपनी तीन बहनों की शादी कराई थी, जबकि सबसे छोटी बहन की शादी अभी बाकी थी। उनकी असमय मृत्यु ने परिवार को गहरे दुख में डाल दिया।

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