मोहक मीडिया । प्रत्येक वर्ष 2 सितंबर को ‘विश्व नारियल दिवस (World Coconut Day)’ के रूप में मनाया जाता है। नारियल के महत्व और लाभों को उजागर करने के लिए विश्व नारियल दिवस मनाया जाता है। विश्व नारियल दिवस एशिया प्रशांत नारियल समुदाय (Asian Pacific Coconut Community (APCC)) के गठन का भी प्रतीक है। भारत सहित 80 से अधिक प्रमुख नारियल उत्पादक देश APCC के सदस्य हैं। इंडोनेशिया प्रमुख उत्पादक है जबकि भारत नारियल उत्पादन के मामले में तीसरे स्थान पर है। नारियल को दुनिया के सबसे उपयोगी वृक्षों/पौधों में से एक माना जाता है। नारियल के पौधे (Coconut Plant) को “जीवन का वृक्ष (Tree of life)” कहा जाता है। यह भोजन, ईंधन, सौंदर्य प्रसाधन, दवा, निर्माण सामग्री आदि जैसे कई उपयोगी सामग्री प्रदान करता है।
नारियल में मौजूद प्रमुख पोषक तत्व <<
मैंगनीज 52.17 फीसदी, कॉपर 38.67 फीसदी, आयरन 24.20 फीसदी, फाइबर 18.80 फीसदी, जिंक 8 फीसदी, वेलिन 7.60 फीसदी, कार्बोहाइड्रेट 9.37 फीसदी मौजूद है।
इतिहास <<
एशिया प्रशांत नारियल समुदाय (Asian Pacific Coconut Community) की स्थापना 2 सितंबर, 1969 को हुई थी। वर्ष 2009 में एशिया प्रशांत नारियल समुदाय ने घोषणा की कि, हर साल 2 सितंबर को “विश्व नारियल दिवस या वर्ल्ड कोकोनट डे (World Coconut Day)” मनाया जाएगा। APCC की वर्षगांठ मनाने के लिए इस विशेष दिन को विश्व नारियल दिवस मनाने के लिए चुना गया है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में नारियल उद्योग की गतिविधियों को APCC द्वारा नियंत्रित किया जाता है। पहला विश्व नारियल दिवस 2 सितंबर, 2009 को मनाया गया था और तब से यह मनाया जा रहा है।
महत्त्व <<
विश्व नारियल दिवस लोगों को नारियल के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। नारियल के हर हिस्से के कुछ फायदे होते हैं। नारियल के अंदर के कोमल सफेद भाग का उपयोग विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार करने में किया जाता है। नारियल से निकाले गए तेल, दूध और पानी का उपयोग खाद्य और ग़ैर-खाद्य पदार्थ दोनों उद्देश्यों के लिए किया जाता है। डोरमैट, छत और झोंपड़ी जैसे उत्पाद नारियल की भूसी और पत्तियों से तैयार किए जाते हैं। नारियल का मक्खन, नारियल क्रीम, और नारियल का तेल सौंदर्य उत्पादों में उपयोग किए जाने वाले प्रमुख उपोत्पाद हैं। नारियल पानी गर्मियों का सबसे पसंदीदा पेय है और यह सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है।
