मोहक मीडिया | 7 मई 2026 , उडुपि रेस्टोरेंट , नवयुग मार्किट , गाज़ियाबाद : आज यहाँ एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कोरवा-यूपी के मुख्य संरक्षक कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने बताया कि पीपल रिपब्लिक ऑफ चीन के संविधान की धारा 111 के अंतर्गत ‘स्ट्रीट ऑफ़िस’ (Street Office) सरकार की प्रशासनिक शाखा होती हैं, जिसे फ़ंड और अनुदान मिलते हैं। ये स्ट्रीट ऑफ़िस Residents’ Committees (RC) को वित्तपोषण, सहायता और निर्देश देने के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। चीन में RC ऐसे हैं जैसे हमारे यहाँ RWA । एक RC में करीब 1000 घर होते हैं । चीन में RC ज़मीनी स्तर के स्वायत्त संगठन हैं, जो स्थानीय मामलों का प्रबंधन करते हैं, RC के पास स्व-शासन का अधिकार होता है |भारत में आर डब्लू ऐ को ना तो संवेधानिक मान्यता है और ना ही वित्तपोषण है | यानी जमीनी स्तर पर चीन,भारत से अधिक लोकतांत्रिक है |

कोरवा-यूपी के अध्यक्ष डा पवन कौशिक ने बताया की चीन के स्ट्रीट ऑफिस ऐसे हैं जैसे हमारे यहाँ RWA फेडरेशन । आम तौर पर, एक स्ट्रीट ऑफ़िस में करीब 20 RC होती हैं । वैसे RC की संख्या जनसंख्या घनत्व और भौगोलिक आकार पर निर्भर करती है । कुलमिलाकर,चीन में जमीनी स्तर की RC को अधिकार और धन उपलब्ध कराया जाता है यानी वो प्रबंधन के चौथे स्तंभ की तरह काम करते हैं ।

डा आर के आर्या , जय दीक्षित और कैलाश चन्द्र शर्मा ने बताया की भारत में RWA लोगों का एक ऐसा समूह है जो स्वायत्त रूप से कार्य करता है। इसका कार्यकाल आम तौर पर एक वर्ष से लेकर 6 वर्ष तक का होता है। RWA गैर-राजनीतिक संगठन होते हैं। RWA, जो मेंटेनेंस चार्ज इकट्ठा करते हैं, उसके लिए जवाबदेह होते हैं। RWA के पदाधिकारियों को कोई वेतन नहीं मिलता। वे अपने आने-जाने और समय के लिए अपनी जेब से खर्च करते हैं। वे आम तौर पर पढ़े-लिखे, नौकरी-पेशा और वरिष्ठ वर्ग के लोगों में से आते हैं।

गौरव सेनानी ज्ञान सिंह , डा मधु सिंह एवं डा आर पी शर्मा ने कहा की RWA में भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं होती, क्योंकि इसके लाभार्थी खुद RWA के पदाधिकारी भी होते है | किए गए कार्यों की गुणवत्ता भी बेहतरीन होती है, क्योंकि वे अपनी गलतियों का ठीकरा दूसरों के सिर नहीं फोड़ सकते। अंत में, यहाँ किसी भी तरह के ‘सोशल ऑडिट’ की ज़रूरत नहीं पड़ती ।

इस अवसर पर गौरव सेनानी गणेश दत्त , चन्दन सिंह , एडवोकेट अंशु त्यागी , अरविन्द वर्मा , संजय कुमार , मंजू घई, डा जी एस सिद्धू , मोनिका गोयल सभी ने उपरोक्त को ध्यान में रखते हुए कहा की हम मांग करते हैं की देश की प्रगति के लिए चीन की तर्ज पर RWA को प्रबंधन का चौथा स्तंभ माना जाना चाहिए और उन्हें धन एवं संवैधानिक अधिकार दिए जाने चाहिए । अच्छा हो यह कार्य गाजियाबाद से प्रारंभ हो ।

