केतन और सिया की भव्य शादी होने वाली थी. सगाई हो चुकी थी. केतन या उसके परिवार को सिया के इस फरेब का पता तक नही चला.
केतन अग्रवाल बड़ी बिजनेसमैन फैमिली से थे, सिया भी मसाला कारोबारी की बेटी थी.
केतन के पिता बताते है कि 6 जून को केतन और सिया अपने 2 दोस्तों के साथ बाली जाने के लिए निकले.
करेंसी, पेपर सब कुछ एक ही बैग में था. एयरपोर्ट पर अचानक बैग में से केतन का पासपोर्ट चोरी हो गया.
केतन एयरपोर्ट से वापस आ गया और सिया बाली चली गयी. केतन के पिता के मुताबिक यह एक साजिश थी.
सिया बार-बार लौहागढ़ किला जाना चाहती थी. वह 31 मई को लोहागढ़ गये.
5 जून को फिर से लोहागढ़ जाने की जिद की. 14 जून को फिर से लोहागढ़ गये.
केतन को मारने के लिए सिया ने अटेम्प्ट किया लेकिन केतन बच गया. वह बात आई-गई हो गयी.
18 को फिर से लोहागढ़ जाने के लिए केतन को सिया ने मजबूर किया.
सिया का बॉयफ्रैंड चेतन चौधरी भी लोहगढ़ पहुंचा. वह केतन और सिया के आगे एक बाइक पर सीसीटीवी में दिखा है.
सिया और चेतन चौधरी ने मिलकर केतन पर किसी चीज से वार किया और उसे फोर्ट से नीचे फैंक दिया.
वारदात के बाद चेतन फरार हो गया और फिर सिया ने शोर मचाकर हादसे का बहाना बनाया.
केतन के पिता शुरू से ही सिया की हरकतों पर शक कर रहे थे.
सिया और चेतन दोनों को गिरफ्तार किया गया है.
