“सिंदूर से शौर्य तक “ में पूर्व सैनिक भी किसी शहीद से कम नहीं :राष्ट्रिय सैनिक संस्था

मोहक मीडिया | मुख्यालय राष्ट्रिय सैनिक संस्था , गाज़ियाबाद – BOLLY BONAZA एवं राष्ट्रिय सैनिक संस्था द्वारा निर्णय लिया गया की 11 सितम्बर 2026 को कन्सीट्यूशन क्लब के मावलंकर होल में पूर्व सैनिको को सम्मानित किया जायेगा | BOLLY BONAZA की संस्थापक प्रियंका चौहान ने कहा “हम सिंदूर से शौर्य तक 2026 कार्यक्रम करने में राष्ट्रिय सैनिक संस्था का सहयोग चाहते है |इस अवसर पर हम पूर्व सैनिको को और सैनिको की महिलाओ को सम्मानित करना चाहते है जिनका बलिदान सैनिको से कम नहीं होता | क्योंकि वो माता पिता दोनों का रोल निभाती है और एक अनिश्चितता की स्थिति में रहती है |”

राष्ट्रिय सैनिक संस्था के राष्ट्रिय अध्यक्ष वीर चक्र प्राप्त कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने कहा “”प्रत्येक पूर्व सैनिक को भी एक जिन्दा शहीद माना जाना चाहिए | प्रत्येक पूर्व सैनिक शहीद हुआ हो या ना हुआ हो परन्तु कभी न कभी कच्छ की दलदल , राजस्थान की गर्मी अथवा सियाचिन की ठण्ड में रहा है | यह भी सच है की विभिन्न ओपरेशनस के दौरान पूर्व सैनिक कभी ना कभी दुश्मन , खतरा और मौत के सांय में रहे है | सैनिक का जीवन तपा है और वह लम्बे समय तक अपने घर गाँव से दूर रहा है लिहाजा पूर्व सैनिक को भी करीब करीब वही सम्मान मिलना चाहिए जो एक शहीद सैनिक के परिवार को मिलता है |

गौरव सेनानी ज्ञान सिंह , गौरव सेनानी गणेश दत्त और गौरव सेनानी चंदन सिंह ने कहा की शहीदों के और पूर्व सैनिको के सम्मान से सरहद पर तैनात सिपाही का मनोबल स्वाभाविक ही बढ़ जाता है |

श्री अनिल अग्रवाल ने कहा “की “पूर्व सैनिको के साथ मिलकर कार्यक्रम करने का सबसे बड़ा फायदा तो ये होता है की जैसे खरबूजे को देखकर खरबूजा रंग बदलता है वैसे ही पूर्व सैनिको के साथ रहने से नागरिको में भी अनुशासन और इमानदारी आ जाएगी”

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