आंधी आने से पहले पेड़ की उम्र नहीं पूछती, कोचिंग सेंटर, अस्पताल, बैंक्वेट हॉल, पी जी एकोमोडेशन, होटल्स, नर्सिंग होम , लाइब्रेरीज में सुरक्षा की सोशल ऑडिट कराई जानी चाहिए:सिविल सोसाइटी

24 जून 2026 , 133 बी मोडल टाउन ईस्ट , गाज़ियाबाद – आज यहाँ सिविल सोसाइटी की एक ऑनलाइन मीटिंग आयोजित की गई | कोरवा-यूपी के मुख्य संरक्षक कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने बताया की दिल्ली लखनऊ गाज़ियाबाद जैसे शहरो में कोचिंग सेंटर में एवं अन्य संस्थानों में अग्निकांड के उदाहरण ये बताने के लिए काफी है की व्यवस्था अत्यंत कमजोर है और बाबुओं की ईमानदारी पर एक भयंकर प्रश्न चिन्ह है । उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों को यूपी कोचिंग नियमों एवं राष्ट्रीय दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करना होता है । बताया जाता है की प्रवर्तन सख्त है, अधिकारी सक्रिय रूप से निरीक्षण करते हैं और सुरक्षा मानकों को पूरा करने में विफल रहने वाले केंद्रों को सील कर दिया जाता है। परन्तु इसके बाद भी अप्रिय घटनाए हो रही है |

सोशल ओडिट के लिए जोइन्ट कमेटी की मांग करते कोरवा-यूपी के कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी , डा पवन कौशिक , डा आर के आर्या , कैलाश चन्द्र , तरुण चौहान , राज शर्मा एवं अन्य

कोरवा-यूपी के अध्यक्ष डा पवन कौशिक ने बताया की कोचिंग सेंटर में प्रत्येक छात्र को कम से कम 1 वर्ग मीटर का स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए ताकि निर्धारित सीमा से अधिक भीड़भाड़ ना हो सके | यदि किसी कक्षा में 50 विधार्थी है तो उसके होल का साइज कम से कम 7 मीटर बाई 7 मीटर का होना चाहिए | ऐसा अक्सर नहीं होता है ।

कोरवा-यूपी के मुख्य सलाहकार डा आर के आर्या ने बताया की प्रवेश द्वार और निकास द्वार का अलग अलग होना नितांत आवश्यक है । इसके बिना अगर नक्शा पास कर दिया गया है तो विकास प्राधिकरण सीधे सीधे संलिप्त माना जाना चाहिए ।

कोरवा-यूपी के महासचिव कैलाश चन्द्र शर्मा ने बताया की प्राथमिक चिकित्सा किट के साथ यदि कोचिंग सेंटर बेसमेंट में है तो लेडर्स और ऊपर है तो पर्याप्त रस्सियाँ भी इनमे शामिल की जाए ताकि अग्निकांड के समय यदि निकास द्वारा बंद हो जाये तो लेडर या रस्सी के सहारे विधार्थी बाहर निकल सके |

गौरव सेनानी ज्ञान सिंह , गौरव सेनानी चन्दन सिंह , तरुण चौहान , डा मधु सिंह , श्रीमती राज शर्मा , श्रीमती संध्या त्यागी , एडवोकेट अंशु त्यागी ने बताया की कैंपस में हवा का अच्छा वेंटिलेशन होना चाहिए, पूरी तरह से विद्युतीकृत होना चाहिए और सुरक्षित पेयजल तथा पुरुष और महिला छात्रों के लिए अलग-अलग शौचालय उपलब्ध होने चाहिए। परिसर में प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदुओं पर चालू सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए ताकि निरंतर निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

श्री मंजीत सिंह , श्री संतोष कुमार , श्रीमती भारती शर्मा , श्रीमती मंजू घई एवं सभी उपस्थित सदस्यों ने कहा की जो कोचिंग सेंटर के लिए लागू है वही अन्य संस्थानों जैसे होटल्स,अस्पताल,हॉस्टल्स,बैंक्वेट हॉल्स , नर्सिंग होम , लाइब्रेरीज आदि के लिए भी लागू है | प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है की वो इन सभी संस्थानों में उपरोक्त सुविधाओ और सुरक्षाओ का अनिवार्य स्तर पर होना सुनिश्चित करें क्योंकि आंधी आने से पहले पेड़ की उम्र नहीं पूछती |

अंत में सभी सदस्यों ने सुझाव दिया और मांग भी रखी की एक जॉइंट कमेटी बननी चाहिए जिसमे प्रशासन के कम से कम अग्निशमन विभाग , बिजली विभाग , नगर निगम के एक एक अधिकारी और सिविल सोसाइटी के भी दो सदस्य हो | इस जॉइंट कमेटी को सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा की सोशल ओडिट की जिम्मेदारी दी जाये और इस कमेटी को कुछ जुर्माना लगाने की पावर भी दी जाये |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp
FbMessenger
URL has been copied successfully!