
मोहक मीडिया । लोक भवन ( पूर्व में राज भवन ) देहरादून कैंट : आज यहाँ राष्ट्रीय सैनिक संस्था के शिक्षा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में मूल्य आधारित शिक्षा एवं भारतीय ज्ञान परम्परा” विषय पर एक भव्य राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं, आध्यात्मिक गुरुओं, पूर्व सैन्य अधिकारियों, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों एवं बुद्धिजीवियों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न आयामों पर गंभीर मंथन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय राज्यपाल उत्तराखण्ड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन या रोजगार प्राप्ति नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, राष्ट्रभक्ति, नैतिक मूल्यों, संवैधानिक दायित्वों तथा उत्तरदायी नागरिकों का निर्माण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारत की प्राचीन ज्ञान परम्परा और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अद्वितीय समन्वय प्रस्तुत करती है तथा विकसित भारत–2047 के निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि युद्ध प्रारंभ होने का निमंत्रण नहीं दिया जाता लिहाजा हमे उसके लिए तैयार रहना है ।
राष्ट्रीय सैनिक संस्था के राष्ट्रिय अध्यक्ष कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी, वीर चक्र ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा की Win Win सिधांत लाभ पर आधारित है नैतिक मूल्यों पर नहीं | अगर एक हलवाई और फ़ूड इन्स्पेक्टर win win स्थिति में आ जाये तो नुक्सान उपभोगता का होगा | ऐसे ही देश का GDP भी आर्थिक संकेत हो सकता है नैतिक संकेत नहीं | कार निकोबार में लाखो पेड़ काटे जायेंगे और बंदरगाह का निर्माण होगा | निर्माण की वजह से GDP तो बढ़ेगी लेकिन पेड़ कटने से भयंकर विनाश होगा | इसलिए नैतिक शिक्षा में वास्तविक विकास , मानवीय मूल्य और पर्यावरण संरक्षण मुख्य होने चाहिए |

श्री राजन छिब्बर ने बताया कि एक दफा विदेशी व्यक्ति भारत में किसी मुसीबत में फस गया और कहने लगा कि मैं इस सड़े हुए देश में दोबारा नहीं आऊंगा । उन्होंने अत्यंत मेहनत करके उसे मुसीबत से निकाला । वो इन्हें 40 लाख रुपये के चेक देने लगा । उन्होंने कहा कि मुझे पैसे नहीं चाहिए । मेरे देश के बारे में अप शब्द मत कहो । वो आदमी अब स्कोडा ग्रुप का चेयरमैन बन गया और उसने इन्हें भारत में अपना मुख्य सलाहकार नियुक्त किया ।
राष्ट्रीय सैनिक संस्था के शिक्षा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक मेजर जनरल ओ. पी. सोनी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा को शिक्षा के प्रत्येक स्तर पर समुचित स्थान देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन बौद्धिक धरोहर आधुनिक विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और नैतिक मूल्यों के साथ समन्वित होकर भविष्य की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने मूल्य आधारित शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने प्रेरक विचारों में शिक्षा में राष्ट्रभक्ति, नैतिकता, आध्यात्मिक चेतना तथा मानवीय मूल्यों के समावेश की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य संवेदनशील, उत्तरदायी और राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों का निर्माण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार नहीं संस्कार पर ध्यान दो , इंटरनेट नहीं , इनरनेट पर ध्यान दो ।
लेफ्टिनेंट जनरल अश्वनी कुमार बक्शी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की आवश्यकता, उसके उद्देश्य तथा भारत की शिक्षा व्यवस्था में उसके दूरगामी प्रभावों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह नीति भारतीय संस्कृति से जुड़ी हुई, बहुविषयी, लचीली एवं भविष्य उन्मुख शिक्षा प्रणाली का मार्ग प्रशस्त करती है।
अन्य वक्ताओं में मेजर जनरल थपलियाल ने उच्च शिक्षा संस्थानों पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभाव, श्री राजन छिब्बर ने प्रबंधन शिक्षा की भूमिका, प्रो. (डॉ.) नीलम पवार ने विकसित भारत के निर्माण में महिला सशक्तिकरण तथा डॉ. पी. शिवस्वरूप ने मूल्य आधारित शिक्षा की अनिवार्यता पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर राष्ट्रिय सैनिक संस्था के पांच सदस्यों को उत्क्रष्ट देश भक्ति पदक देकर सम्मानित किया गया जिनके नाम है : नरेश उनियाल ( उत्तराखंड ) , पुष्कर बिष्ट ( गाज़ियाबाद ) , राहुल पुरी ( हरिद्वार ) , मंजू शर्मा ( उत्तराखंड ) , शोबित कुमार ( मुज्जफरनगर ) |
संगोष्ठी में सर्वसम्मति से यह मत व्यक्त किया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का सफल क्रियान्वयन तभी संभव होगा जब गौरव सेनानी स्कूलों में और समाज में कर्तव्यनिष्ठा , अनुशासन और ईमानदारी का संदेश फैलाएंगे।
इस अवसर पर गौरव सेनानी बृजेश त्यागी के नेतृत्व में रुड़की टीम, गौरव सेनानी ज्ञान सिंह के नेतृत्व में गाजियाबाद टीम,देश भक्त राहुल पुरी के नेतृत्व में हरिद्वार टीम,कर्नल एम के शर्मा के नेतृत्व में देहरादून टीम, कैप्टन के पी सिंह और गौरव सेनानी मनोज के नेतृत्व में मुज्जफरनगर टीम,ब्रिगेडियर विपिन चक्रवती के नेतृत्व में दिल्ली टीम , कर्नल मुकेश त्यागी के नेतृत्व में एन सी आर टीम , कर्नल राजेश त्यागी के नेतृत्व में मेरठ टीम,देश भक्त सारेला रत्नम में पोर्ट ब्लेयर टीम,देश भक्त ओम प्रताप सोलंकी के नेतृत्व में फरुखाबाद टीम, प्रोफेस नीलम पवार,श्रीमती राज शर्मा , श्रीमती भारती शर्मा , नेतृत्व में महिलाओं की टीम ने अत्यंत अत्यंत सराहनीय योगदान दिया ।

आज का कार्यक्रम आने वाले समय के लिए चरित्र निर्माण की दिशा में एक मजबूत पहल साबित होगा ।
इस अवसर पर एम एल असवाल,कर्नल डिमरी,कमांडर वी के शर्मा,मेजर जनरल एम एस रावत , कैप्टन नील थापा ने भी संकल्प लिया कि हम स्कूलों में जा जाकर प्रारंभिक सैनिक प्रशिक्षण और चरित्र निर्माण का काम करे
