जनविश्वास विधेयक 2026 से मेट्रो कानून में बदलाव

नई दिल्ली-कई लोग नशे की हालत में मेट्रो में सवार होकर उत्पात मचाते हैं।उनके व्यवहार से दूसरे यात्रियों को परेशानी होती है।इनके विरुद्ध कार्रवाई भी की जाती है।पिछले छह माह में ही दिल्ली मेट्रो में नशे की हालत 126 लोग पकड़े गए और उनपर जुर्माना किया गया।अभी मात्र दो सौ रुपये जुर्माना किया जाता है, लेकिन आने वाले दिनों में ऐसे लोगों से दो हजार रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा।उसे मेट्रो परिसर से बाहर भी किया जा सकता है।मेट्रो में यात्रा के दौरान गंदगी फैलाने, महिला कोच में प्रवेश करने, उत्पात मचाने, ट्रैक पर चलने सहित अन्य नियमों के उल्लंघन 8251 मामले दर्ज हुए हैं।इस तरह के मामलों में आने वाले समय में भारी-भरकम जुर्माना वसूलने की तैयारी है।

मेट्रो रेलवे अधिनियम में बदलाव का प्रस्ताव

केंद्र सरकार जनविश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 के अंतर्गत मेट्रो रेलवे (संचालन और रखरखाव) अधिनियम, 2002 में बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है।संशोधन का उद्देश्य कुछ आपराधिक प्रविधानों की जगह मौद्रिक दंड लागू करना और जुर्माने की राशि बढ़ाना है। इसे लेकर पिछले दिनों केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में विधेयक पेश किया है।वर्तमान कानून के अनुसार यदि कोई व्यक्ति नशे की स्थिति में यात्रा करता है, मेट्रो परिसर व ट्रेन में उत्पात मचाता है, मेट्रो परिसर या ट्रेन की फर्श पर थूकता है, झगड़ा करता है, आपत्तिजनक सामग्री लेकर परिसर या ट्रेन में प्रवेश करता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाती है।दो सौ रुपये तक जुर्माना किया जाता है।

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