मोहक मीडिया । राष्ट्रवादियों के लिए कवयित्री राष्ट्रपुत्री समीक्षा सिंह का आह्वान
आप साँपों से सुरक्षित कैसे रहते हैं …
क्योंकि आप जैसे ही उसको देखते हैं तो या तो उसको मारने की चेष्टा करते हैं, या उसे भगाने की या स्वयं भागने की ….
और यदि वो आपके घर में निकल आए तो न तो आपके पास भागने का उपाय बचता है न ही उसे भगाने का …तब आपके पास बस एक ही उपाय बचता है उसको मारने का ..क्योंकि आपको अपने साथ साथ अपने परिवार को भी सुरक्षित रखना होता है ।
आपको खूब पता होता है कि लाखों प्रजातियों में सांप की केवल पांच प्रजातियां ही जहरीली होती हैं लेकिन उस समय आप कोई जांच पड़ताल नहीं करते, यह नहीं देखते कि वह कौन सी प्रजाति का है, जहरीला है कि नहीं, कोई ज्ञान नहीं बांटते ..तब आपका केवल एक लक्ष्य होता है सांप को मारकर अपने और अपने परिवार की सुरक्षा करना….आपके कॉन्सेप्ट बिल्कुल क्लियर होते हैं इसीलिए आप और आपका सुरक्षित बच पाते हैं ।
अब असली बात पर आते हैं दुनियाँ में सब जगह अच्छे और बुरे लोग हैं लेकिन जब बात परिवार पर आ जाए राष्ट्र पर आ जाए तब आपका कार्य उनकी अच्छाई बुराई की जाँच पड़ताल का नहीं अपितु अपने घर और राष्ट्र की सुरक्षा को सुनिश्चित करना होना चाहिए ।
अवश्य नहीं कि जब आप पर बीते आप तभी सीखें …आप अपने आस पास की घटनाओं को देख कर सीख सकते हैं, आप अपने शहर, प्रदेश, देश की घटनाओं को देख कर सीख सकते हैं ..बाकी सब छोड़िये आप पूरे विश्व में हो रही घटनाओं को देख कर सीख सकते हैं ।
कम से कम आपको इस बात का शुक्रिया तो करना ही चाहिए कि आपके पास उदाहरणों की कोई कमी नहीं है … बिखरे पड़े हैं ..
आप फिर भी आँखें मूंदे बैठे रहें तो जल्द ही आप भी उदाहरण बन जाएंगे ।
जाग्रत हिन्दू, संगठित हिन्दू, समर्थ हिन्दू, सुरक्षित हिन्दू ।

