मोहक मीडिया । हरिद्वार में हर की पौड़ी स्थित शिवसेतु पर वर्षों से गरीबों और साधुओं को भोजन कराने वाले ‘भंडारा किंग’ बाबा रमाशंकर गुप्ता का निधन हो गया है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई के रहने वाले रमाशंकर लंबे समय से हरिद्वार में ही निवास कर रहे थे।
वे शिवसेतु से गुजरने वाले तीर्थयात्रियों से “भंडारा कर दो बाबूजी, 100 रुपये में 5 बाबा और 200 रुपये में 11 बाबा खाएंगे” कहकर सहयोग मांगते थे। श्रद्धालुओं से मिलने वाले इसी सहयोग से वे प्रतिदिन स्वयं रोटी-सब्जी बनाते थे और शिवसेतु पर मौजूद गरीब व जरूरतमंद लोगों को भोजन कराते थे। उन्होंने हमेशा दूसरों के लिए आर्थिक मदद मांगी, अपने लिए कभी कुछ नहीं मांगा।
बाबा रमाशंकर के निधन से शिवसेतु पर सालों से गूंजने वाली उनकी यह पुकार हमेशा के लिए खामोश हो गई है। उनके जाने के बाद अब शिवसेतु पर आश्रित गरीब और बेसहारा लोगों के सामने प्रतिदिन के भोजन की व्यवस्था को लेकर बड़ा संकट उत्पन्न हो गया है।

जो कभी दूसरों का भंडारा करवाता था
आज उसका भंडारा करवाने वाला कोई नहीं था।
” भंडारे वाले बाबा ” के निधन के बाद जब अंतिम संस्कार के लिए कोई परिजन नहीं पहुंचा और ना ही कोई ब्लॉगर वहां दिखा,
तब हरिद्वार पुलिस ने पूरे सम्मान और हिन्दू रीति रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
वर्दी केवल कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं निभाती , बल्कि जरूरत पड़ने पर परिवार बनकर भी साथ खड़ी होती है।
हरिद्वार पुलिस की इस मानवीय पहल को हृदय से प्रणाम
