भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। हजारों श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए। हनुमानगढ़ी मंदिर से शुरू हुई यात्रा प्रमुख चौक-चौराहों से होकर गुजरी। देवी पाटन मंदिर पर रथ यात्रा का समापन हुआ।
महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की पावन रथयात्रा केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि श्रद्धा, समरसता, सेवा और सनातन संस्कृति के गौरव का दिव्य प्रतीक है।
प्रभु श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा एवं बलभद्र जी की असीम कृपा आप सभी पर बनी रहे। आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं आध्यात्मिक उन्नति का सतत प्रकाश बना रहे।
