केंद्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में श्रावण मास में उत्तर भारत के अनेक महानगरों में यज्ञोपवीत संस्कार अभियान प्रतिवर्ष चलाया जाता है ।इसमें छटी से बारहवीं तक के बच्चों को वैदिक रीति से यज्ञोपवीत धारण कराया जाता है और उसके नियम/ महत्व को बताया जाता है ।बच्चों को संस्कारित बनाने के लिए नित्य यज्ञ करने का विधान/महत्व की जानकारी आचार्य महेन्द्र भाई जी के द्वारा दी जाती है ।राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनिल आर्य जी का सानिध्य प्राप्त होता है ।

विशिष्ट लोगों को सम्मानित किया गया ।कार्यक्रम में देश भक्ति व स्वामी दयानंद जी द्वारा दिखाए जीवन मूल्यों के बारे में विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए ।

बच्चों ने विभिन्न योग मुद्राओं का आश्चर्यजनक प्रस्तुतीकरण किया ।श्री प्रवीण आर्य जी की टीम ने सुन्दर व्यवस्था बनाई। जिला /प्रदेश सभा के शीर्ष आर्य विद्वानों ने कार्यक्रम में भाग लिया

