श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ : मोहक मीडिया

मथुरा के कारागार में आधी रात के समय देवकी के गर्भ से श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। वे साधारण शिशु के रूप में नहीं, बल्कि चतुर्भुज दिव्य स्वरूप में दिखाई दिए। उनके हाथों में शंख, चक्र, गदा और पद्म सुशोभित थे।
भगवान ने वसुदेव को गोकुल ले जाने की व्यवस्था बताई। उसी समय नंद की पत्नी यशोदा के घर योगमाया ने कन्या के रूप में जन्म लिया।
योगमाया के प्रभाव से कारागार के पहरेदार गहरी निद्रा में सो गए और द्वार खुल गए। वसुदेव श्रीकृष्ण को लेकर गोकुल की ओर चल पड़े। आकाश में बादल बरस रहे थे और तभी अनंत शेष ने अपने फण फैलाकर भगवान को वर्षा से ढक लिया।
गोकुल पहुँचकर वसुदेव ने कृष्ण को यशोदा के शयन के पास रख दिया और उनकी नवजात कन्या को लेकर मथुरा लौट आए।
जब कंस को कन्या के जन्म का समाचार मिला, वह कारागार में पहुँचा। उसने उस बालिका को शिला पर पटकना चाहा, लेकिन वह उसके हाथ से छूटकर आकाश में चली गई और अष्टभुजा देवी के रूप में प्रकट हुई।
देवी ने कंस को बता दिया कि जिससे उसे भय था, वह जन्म ले चुका है और कहीं सुरक्षित पहुँच चुका है।
मुरली की मधुर धुन, राधा-कृष्ण के पावन प्रेम और नटखट कान्हा की मुस्कान से आपका जीवन सुख, शांति और खुशियों से भर जाए।

इस जन्माष्टमी पर भगवान श्री कृष्ण के प्रेम, कर्म और धर्म के संदेश को अपने जीवन में अपनाएँ

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व जन्माष्टमी आज देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है।



मंदिरों और घरों में सजावट की गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी के भव्य आयोजन की तैयारियां पूरी हो गई हैं।
प्रख्यात गीतकार श्री मनोज मुंतशिर द्वारा रचित नृत्य नाटिका, ‘कृष्ण – राधा से रणभूमि तक’ के मंचन को देखने का अवसर मिला। इस प्रस्तुति में भगवान कृष्ण से जुड़े कई आयाम दर्शकों के सामने रखे गए। इस प्रस्तुतिकरण के दौरान सभी कलाकारों ने बड़े प्रभावी तरीके से अपनी कला और क्षमता से परिचित कराया।



https://youtu.be/XMAH7T_PBnU?list=RDXMAH7T_PBnU&t=127
https://youtu.be/cysPxgmsRYg?list=RDcysPxgmsRYg&t=157
