मोहक मीडिया । एक छोटे से गांव में तंबूरा लेकर भजन गाने वाले सुनील लोधी ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि उनकी आवाज़ एक दिन बॉलीवुड फिल्म तक पहुंचेगी।
मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड के दृष्टिबाधित गायक सुनील सालों से भजन और बुंदेली गीत गाते रहे। फिर उनकी एक साधारण-सी रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर पहुंची।
संगीत निर्माता पंकज VRK ने उनकी आवाज़ सुनी, उन्हें ढूंढा और फिर सुनील मुंबई पहुंचे। वहां उन्होंने कई गाने रिकॉर्ड किए, जिनमें से ‘मैंने तेरे ही भरोसे’ फिल्म ‘हनुमान अंश’ का हिस्सा बना।
राजस्थानी भाषा में एक भजन है।।
समय को कोई भरोसो कोनी कद पलटी मार जावे।।
कदे कदे गीदड़ से सिंह हार जावे।।
समय का कोई भरोसा होता भी नहीं है।।
तुच्छ कार्य करके ही प्रसिद्ध हुआ जाता है यह कतई आवश्यक नहीं है अपितु हनुमान जी के भजन गाकर भी फेमस हो सकता है यह नेत्रहीन युवक सुनील ने सिद्ध कर दिया है।।अतः आप भी ईश्वर पर भरोसा रखते हुए अपना कार्य करते रहें।। वो जिस दिन सुनने पर आ गए तो सारी बाधाएं पत्ते की तरह उड़ जाएंगी।।
बिना इच्छा के किए गए कार्य से सफलता मिलने की संभावना कई गुणा ज्यादा होती है।। अतः अपना कार्य हर संभव सामर्थ्य से करते हुए शेष उस पर छोड़ दें।। श्रीभगवान ने भी कहा है कर्म करते रहें और फल का कार्य मेरा है अतः मेरा ही रहने दें।।
किसी भी स्थिति में उदास निराश न हो।।अवसाद डिप्रेशन की इतनी अधिकता हो गई है कि लगता है कुछ वर्षों में हँसना सिर्फ किताबों में ही शेष बचेगा।। निराश होकर शरीर छोड़ देने से लाख गुणा अच्छा है कि एकांत में बैठकर आप भी गाएं
एक तेरे ही भरोसे हनुमान।। सागर में नैया डार दई।।
