नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में हरदोई से ₹36,230 करोड़ की लागत से निर्मित उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे 594 कि.मी. गंगा एक्सप्रेसवे (मेरठ–प्रयागराज) का भव्य लोकार्पण

देश के प्रधानमंत्री एवं करोड़ों कार्यकर्ताओं के प्रेरणास्रोत माननीय नरेन्द्र मोदी द्वारा उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े गंगा एक्सप्रेसवे का बिलग्राम, हरदोई में भव्य उद्घाटन किया गया।

माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में हरदोई से ₹36,230 करोड़ की लागत से निर्मित उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे 594 कि.मी. गंगा एक्सप्रेसवे (मेरठ–प्रयागराज) का भव्य लोकार्पण किया गया।

भाजपा सरकार में ही वर्ष 2021 में इसका शिलान्यास हुआ और 2026 में उद्घाटन—यानी जो कहा, वो किया का सशक्त उदाहरण। गंगा एक्सप्रेसवे न केवल उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति देगा, बल्कि रोजगार, व्यापार और कनेक्टिविटी के नए द्वार भी खोलेगा।

“जैसे माँ गंगा हजारों वर्षों से यूपी की और इस देश की जीवन रेखा रही हैं, वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके समीप से गुजरता यह एक्सप्रेसवे यूपी के विकास की नई लाइफलाइन बनेगा।”

प्रधानमंत्री ने करके दिखाया है कि महिला सशक्तिकरण केवल नारों या भाषणों से संभव नहीं है, इसके लिए ठोस नीतियों और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है। मोदी जी की सरकार ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ जैसे ऐतिहासिक कदम उठाकर यह सिद्ध किया है कि वह देश की महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

गंगा एक्सप्रेसवे: विश्वास का पथ

उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे की श्रृंखला में गंगा एक्सप्रेसवे एक ऐतिहासिक परियोजना के रूप में उभर रहा है। यह एक्सप्रेसवे न केवल राज्य का, बल्कि देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे में से एक माना जा रहा है, जो विकास, विश्वास और आधुनिकता का प्रतीक बन चुका है।

गंगा एक्सप्रेसवे लगभग 594 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से शुरू होकर पूर्वी क्षेत्र के प्रयागराज तक जाएगा। यह मार्ग राज्य के कई प्रमुख जिलों—जैसे हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, बदायूं, शाहजहांपुर और प्रतापगढ़—को जोड़ते हुए विकास की नई धारा बहाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य केवल दूरी कम करना नहीं, बल्कि समय, संसाधन और अवसरों को भी जोड़ना है।

इस एक्सप्रेसवे को “विश्वास का पथ” इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि यह लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखता है। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, कृषि, पर्यटन और उद्योग को नई गति मिलेगी। किसानों को अपनी उपज को बाजार तक जल्दी पहुंचाने में सुविधा होगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि संभव है।

परदेश में बसे उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए भी यह एक्सप्रेसवे गर्व का विषय है। यह दिखाता है कि उनका राज्य अब आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे एक ऐसा मार्ग है जो केवल शहरों को नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ता है—एक ऐसा मार्ग जिस पर विश्वास, विकास और भविष्य साथ-साथ चलते हैं।

अंततः, गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क नहीं, बल्कि एक नई सोच का प्रतीक है—जहां प्रगति के साथ-साथ लोगों का भरोसा भी मजबूत होता है। यह “विश्वास का पथ” आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा

इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ , माननीय प्रदेश अध्यक्ष भाजपा श्री पंकज चौधरी , माननीय उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य , श्री ब्रजेश पाठक, श्री नरेंद्र कश्यप, धर्मवीर प्रजापति एवं अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

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