महर्षि दयानंद विद्यापीठ के संस्थापक बालेश्वर त्यागी ने स्कूल की उपलब्धि साझा की महर्षि दयानंद विद्यापीठ अपनी स्थापना के 25वें वर्ष का वार्षिकोत्सव मना रहा है. इस कार्यक्रम में आर्य जगत के वैदिक विद्वान आचार्य देवव्रत जी माननीय राज्यपाल गुजरात मुख्य अतिथि हैं . श्री सुनील कुमार शर्मा जी मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे.
दो दिन पूर्व यूपी बोर्ड के द्वारा घोषित परीक्षा परिणामों ने विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता की ओर सभी का ध्यान आकृष्ट किया है.किसी भी संस्था की स्थापना के प्रारंभिक 25 वर्ष बहुत महत्वपूर्ण होते हैं . संस्था की दिशा और दशा का निर्धारण इन्हीं प्रारंभिक वर्षों में हो जाता है. हमारे लिए ये गर्व की बात है कि हमने जिन सपनों को लेकर इसकी स्थापना का संकल्प लिया था और उस संकल्प को लेकर कई लोगों को इस अनुष्ठान के साथ जोड़ा था , आज उसकी दिशा भी ठीक है और गति भी ठीक है. मुझे पूरा विश्वास है कि यह विद्यालय एक दिन शिक्षण संस्थाओं की कतार में पहले स्थान पर खड़ा होगा.
ऐसे समय में जब बड़े बड़े उद्यमी बड़े साधनों और सुविधाओं से सम्पन्न विद्यालय महाविद्यालय विश्वविद्यालय के क्षेत्र में निवेश कर रहे हैं तब कुछ लोगों के सहयोग से और चैरिटी की भावना से प्रेरित होकर एक छोटे से विद्यालय का शुभारंभ करना जिसका उद्देश्य ही उन परिवारों के बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करना जिनके पास साधन सीमित हैं, एक पवित्र कार्य था. 25 वर्षों में विद्यालय ने आशातीत प्रगति की है. परिणामों की दृष्टि से भी और संस्कार की दृष्टि से भी.
वैसे तो ये एक विद्यालय है जिसमें बच्चों को शिक्षा दी जाती है.लेकिन मेरे लिए ये एक प्रयोगशाला है जिसमें मैने बहुत से सफल प्रयोग किए हैं . हमारी ईमानदारी , हमारी सेवा भावना और हमारा दूसरों के प्रति विश्वास एक बड़ी पूंजी बन जाता है. जिस समय को लोग स्वार्थ से भरा बताकर कोसते हैं , उस समय में ऐसे कई लोग इन विद्यालय को अपना ज्ञान , अपना कौशल और अपना मार्गदर्शन निशुल्क और निस्वार्थ देते हैं . अपना पैसा खर्च करके आते हैं और मार्गदर्शन देते हैं. डाक्टर अंगद सिंह जी से लेकर , डॉ. कृष्णवीर सिंह शाक्य , डॉ . मधुसूदन जी , हरवीर सिंह जी , दिल्ली विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक , महाविद्यालय के प्राचार्य से लेकर श्री एच एन गर्ग जी इंजीनियर हैं ,सभी की निस्वार्थ और निशुल्क सेवाएं उपलब्ध होती हैं.
यह गाजियाबाद महानगर के निजी विद्यालयों में संभवतः सबसे कम शुल्क का विद्यालय है. इसका मासिक शुल्क प्री प्राइमरी में 600/- से लेकर 12th,साइंस इंग्लिश मीडियम में 1240/- तक है. प्रवेश शुल्क प्राइमरी में 2500/- और अधिकतम 4500/- है जो विद्यालय में प्रवेश के समय केवल एक बार लिया जाता है.परीक्षा शुल्क 600/- वार्षिक , ( चार परीक्षाओं का )लिया जाता है . इसके अतिरिक्त कोई शुल्क बच्चों से नहीं लिया जाता है. विद्यालय में अधिकतर पुस्तकें एनसीआरटी की लगी हैं. विद्यालय ने कभी बच्चों की ड्रेस नहीं बदली. कापी पुस्तकें ड्रेस जहां से चाहो खरीदो , विद्यालय द्वारा कोई आग्रह नहीं है.
विद्यालय के अधिकतर शिक्षक शिक्षिकाएं उत्साहित और शिक्षण के प्रति समर्पित हैं.उन्हीं के परिश्रम के कारण उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम संभव है. हम भी अपने शिक्षक शिक्षिकाओं को विद्यालय परिवार का अंग मानते हैं . विद्यालय की आय और व्यय से सभी शिक्षक शिक्षिकाओं को अवगत कराया जाता है और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार प्रतिवर्ष वेतन में वृद्धि करते हैं. समानता के भाव को विकसित करने के लिए सभी के लिए विद्यालय द्वारा ड्रेस उपलब्ध कराई जाती है. पुस्तक पढ़ो पुरस्कार पाओ जैसे कार्यक्रम शिक्षकों को पढ़ने के लिए प्रेरित करने वाले हैं. पुस्तक मेले में जाने और अच्छी पुस्तकें खरीदने के लिए विद्यालय की ओर से अवकाश भी किराया भी और कई बार खरीदी पुस्तक का मूल्य भी विद्यालय द्वारा प्रदान किया जाता है. प्रतिवर्ष जून में एक सप्ताह का शैक्षणिक उन्नयन के लिए कार्य शाला का आयोजन , अच्छे परिणाम देने वाले शिक्षकों को सम्मान राशि और प्रतिवर्ष एक शिक्षक को 25000/- बचन सिंह स्मृति सम्मान प्रदान करके प्रेरित करने के ऐसे कार्यक्रमों की पूरी एक श्रृंखला है. शिक्षक शिक्षिकाओं का वेतन सीधा उनके बैंक खाते में अधिकतर 10 तारीख तक पहुंचता है. विद्यालय द्वारा अटल बीमा योजना में पंजीकरण और दुर्घटना बीमा सभी शिक्षक शिक्षिकाओं का कराया हुआ है. हमारे विद्यालय की शिक्षिका कोमल त्यागी को गतवर्ष माननीय मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कर कमलों से प्रदेश स्तर का श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान मुख्यमंत्री शिक्षक सम्मान प्राप्त हुआ है और आनंद शर्मा जी का इस वर्ष के मुख्यमंत्री शिक्षक सम्मान के लिए चयन हुआ है.
बच्चों को भी शिक्षण के साथ साथ संस्कार देने के लिए यज्ञ से सत्र का प्रारंभ , ,2अक्टूबर श्रम संस्कार और स्वच्छता अभियान , सह भोज , युवा दिवस पर मिनी मैराथन ,अंतरविद्यालयी वाद विवाद , सामान्य ज्ञान , कला प्रतियोगिताओं का आयोजन , कई महानुभावों द्वारा प्रतिभाशाली बच्चों को पुरस्कार ,सम्मान राशि और सम्मान प्रतीक प्रदान किए जाते हैं. गत वर्ष से बच्चों को अच्छे व्यवहार के लिए दीक्षित करने के लिए शिष्टाचार क्लब का शुभारंभ किया है.
विद्यालय शुल्क कम होने के बाद भी साधनों की दृष्टि से समृद्ध है. विद्यालय भवन की भव्यता उसकी सादगी में है लेकिन खुले हवादार और रौशनी से भरपूर कमरे और वृक्षों से आच्छादित हराभरा परिसर पर्यावरण की सम्पन्नता का प्रमाण है. विद्यालय में 81 कमरे , 34 स्मार्ट क्लास , 6000 से अधिक पुस्तकों , दैनिक समाचार पत्र और विभिन्न विषयों की मासिक पत्रिकाओं से सुसज्जित पुस्तकालय ,सभी उपकरणों से सम्पन्न आधुनिक प्रयोगशालाएं, जैनरेटर , फायर फाइटिंग सिस्टम समेत सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं. 108 से अधिक शिक्षक शिक्षिकाएं और 25 से अधिक अन्य सहयोगी स्टाफ उपलब्ध है.खेल के लिए बास्केट बाल , बॉलीबॉल , टेबिल टेनिस , बैडमिंटन खेलो की व्यवस्था उपलब्ध है. हमने अपने एक शिक्षक को स्वामी विवेकानंद योग अनुसंधान संस्थान बंगलुरु से योग का प्रशिक्षण दिलाकर बच्चों को योग की व्यवस्था भी बनाई है,
कई लोग पूछते हैं कि इतने सीमित साधनों में कैसे मैनेज करते हैं .मै उन्हें अवगत कराता हूं कि प्रबंध समिति का कोई व्यक्ति मुझ समेत विद्यालय से एक भी पैसा नहीं लेते तभी इतने सीमित साधनों में विद्यालय का सफलता पूर्वक संचालन संभव हो रहा है. हमें अपनी उपलब्धि पर गर्व है.
