मोहक मीडिया । मदमहेश्वर पंच केदारों में से एक बेहद पवित्र धाम माना जाता है। मान्यता है कि यहाँ भगवान शिव की नाभि की पूजा होती है। मंदिर तक पहुँचने का ट्रेक घने जंगलों, छोटे पहाड़ी गाँवों, झरनों और खूबसूरत बुग्यालों से होकर गुजरता है। हर मोड़ पर nature आपको रुककर बस देखने पर मजबूर कर देता है।

स्वर्ग ना तो ऊपर है… ना कहीं और।
लेकिन भारत में एक ऐसी जगह जरूर है जहाँ पहुँचकर आप उसे महसूस कर सकते हो।
मदमहेश्वर, उत्तराखंड के पहाड़ों में बादलों के बीच छुपा एक दिव्य धाम।
एक ऐसा मंदिर जहाँ पहुँचने के लिए सिर्फ ट्रेक नहीं… सब्र, हिम्मत और सच्ची इच्छा चाहिए होती है।
यहाँ आते-आते सड़कें खत्म हो जाती हैं…
मोबाइल नेटवर्क गायब हो जाता है…
और फिर शुरू होती है असली शांति।
सिर्फ पहाड़ों की आवाज़…
ठंडी हवा…
घंटियों की गूंज…
और सामने बर्फ से ढके विशाल हिमालय।
सुबह का सूर्योदय यहाँ किसी सपने जैसा लगता है।

जब पहली धूप चौखंबा पर्वत पर पड़ती है, तो पूरा आसमान सुनहरा हो जाता है। उस पल ऐसा लगता है जैसे सारी परेशानियाँ, तनाव और भागदौड़ अचानक बहुत छोटी हो गई हों।
रात में यहाँ का आसमान इतना साफ होता है कि लाखों तारे साफ दिखाई देते हैं। कोई शहर का शोर नहीं… कोई भीड़ नहीं… सिर्फ आप और प्रकृति।

